बैलेंस मिलान
बैलेंस क्यों नहीं मिल रहा?
हिसाब का बैलेंस, बैंक का बैलेंस, और फ़र्क क्यों है, सब एक टेबल में।
VCS / ट्रांसपोर्ट ERP / AI ऑटो बैंक रिकंसीलिएशन
VCS ट्रांसपोर्ट ERP · AI ऑटो बैंक रिकंसीलिएशन
बैंक की Excel अपलोड कीजिए, मिलान सिस्टम ख़ुद करता है। कई दिन का काम, अब घंटों में।
35 साल · 500+ ट्रांसपोर्टर
▶ डेढ़ मिनट वीडियो · हिंदी
0:00 परेशानी · 0:13 कैसे काम करता है · 0:27 हर बैंक · 0:47 हरा, पीला, लाल · 1:00 मालिक और स्टाफ़
VCS ट्रांसपोर्ट ERP का AI ऑटो बैंक रिकंसीलिएशन (बैंक मिलान, BRS) आपकी बैंक स्टेटमेंट को आपके हिसाब से मिलाता है। नेट बैंकिंग की Excel अपलोड कीजिए; चेक या UTR नंबर से मिली एंट्री अपने आप सेव होती हैं, और सिर्फ़ शक वाली एंट्री स्टाफ़ को जाँचनी होती हैं।
ICICI, HDFC, कोटक और कोई भी बैंक। यह भी नया: AI स्मार्ट रिपोर्ट्स बताती हैं पैसा कहाँ फँसा है।
कैसे काम करता है
नेट बैंकिंग से स्टेटमेंट Excel में डाउनलोड कीजिए।
बैंक चुनिए और फ़ाइल जैसी है वैसी अपलोड कीजिए। कुछ बदलना नहीं।
हरा मिल गया और सेव हो गया। पीली एंट्री जाँचिए और टिक कीजिए।
हर एंट्री का एक रंग
हर लाइन पर यह भी लिखा है कि क्या करना है, हिंदी और English में।
आपके सवाल, जवाब के साथ
बैलेंस मिलान
हिसाब का बैलेंस, बैंक का बैलेंस, और फ़र्क क्यों है, सब एक टेबल में।
एक क्लिक में वाउचर
टिक की हुई एंट्री एक क्लिक में वाउचर बन जाती हैं, लेजर पहले से चुना हुआ। अपने ही दूसरे बैंक में ट्रांसफ़र भी।
गलती पकड़
तुरंत पकड़ में, वाउचर नंबर के साथ, ताकि क्लोज़िंग से पहले ठीक हो जाए।
हर बैंक
नए बैंक की स्टेटमेंट सिर्फ़ एक बार सेट होती है। उसके बाद उस बैंक की हर फ़ाइल अपने आप पढ़ी जाती है।
शुरुआत की तारीख
एक शुरुआत की तारीख चुनिए। उससे पहले की एंट्री एक क्लिक में बंद, और मिलान उसी दिन से शुरू।
लाइव देखना है?
मुफ़्त डेमो में हम एक स्टेटमेंट अपलोड करके हरा, पीला और लाल दिखाते हैं।
किसका फ़ायदा
सवाल-जवाब
बैंक रिकंसीलिएशन यानी BRS (बैंक रिकंसीलिएशन स्टेटमेंट) का मतलब है बैंक स्टेटमेंट की हर एंट्री को अपने हिसाब की एंट्री से मिलाना, ताकि बैंक का बैलेंस और हिसाब का बैलेंस बराबर हो और कोई फ़र्क हो तो उसकी वजह पता हो। VCS यह बैंक स्टेटमेंट मिलान बैंक की Excel से आपके लिए ख़ुद करता है।
VCS ट्रांसपोर्ट ERP का AI ऑटो बैंक रिकंसीलिएशन आपकी बैंक स्टेटमेंट को आपके हिसाब से मिलाता है। आप नेट बैंकिंग की Excel स्टेटमेंट अपलोड करते हैं; चेक या UTR नंबर से मिली एंट्री अपने आप सेव होती हैं, और सिर्फ़ शक वाली एंट्री स्टाफ़ को जाँचनी होती हैं।
ICICI बैंक, HDFC बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और कोई भी बैंक। नए बैंक का फ़ॉर्मेट सिर्फ़ एक बार सेट होता है; उसके बाद उस बैंक की हर फ़ाइल अपने आप पढ़ी जाती है।
नेट बैंकिंग से डाउनलोड की हुई Excel स्टेटमेंट, जैसी है वैसी। PDF स्टेटमेंट नहीं पढ़ी जाती, इसलिए नेट बैंकिंग से Excel ही डाउनलोड कीजिए।
हाँ। एंट्री चेक नंबर से या UTR नंबर से मिलाई जाती हैं, जो NEFT, RTGS और IMPS पेमेंट के साथ आता है। पक्का मिलान अपने आप सेव होता है।
नहीं। पक्की मिली एंट्री अपने आप सेव होती हैं। स्टाफ़ बस पीली एंट्री जाँचकर टिक करता है।
एक शुरुआत की तारीख चुनिए। उस तारीख से पहले की एंट्री एक क्लिक में मिली हुई मान ली जाती हैं, और मिलान उसी दिन से शुरू होता है।
मुफ़्त डेमो बुक कीजिए। कॉल करें +91 98216 05790, +91 80809 20274 या +91 91520 48770।
हम एक स्टेटमेंट अपलोड करके हरा, पीला और लाल लाइव दिखाते हैं।
कॉल करें 98216 05790 · 80809 20274 · 91520 48770