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VCS ट्रांसपोर्ट ERP · AI डीज़ल और एडवांस ऐप

डीज़ल का पैसा कहाँ गया?
अब मोबाइल पर देखिए।

सबसे बड़ा खर्च, अब आपके कंट्रोल में। अपनी गाड़ियों वाले ट्रांसपोर्टर के लिए, आपके ERP से सीधा जुड़ा हुआ।

  • डीज़ल, एडवांस या CNG
  • WhatsApp पर मंज़ूरी
  • टाइपिंग लगभग नहीं

35 साल · 500+ ट्रांसपोर्टर

▶ 5½ मिनट का वीडियो · हिंदी

समय कम है? सीधे देखिए:

📞 कॉल करें: 98216 05790

50 गाड़ियाँ, रोज़ एक गाड़ी में सिर्फ़ 5 लीटर का फ़र्क

₹7,12,500 हर महीने

(7 लाख 12 हज़ार)

पैसा कहाँ गया, पता नहीं।

📞 अपना हिसाब समझिए: कॉल करें

सिर्फ़ उदाहरण: ₹95 लीटर मानकर, 30 दिन। यह बचत का वादा नहीं।

AI डीज़ल ऐप क्या है?

AI डीज़ल और एडवांस ऐप अपनी गाड़ियों वाले ट्रांसपोर्टर के लिए है और आपके ERP से सीधा जुड़ा है। गाड़ी के आख़िरी 4 अंक से मोबाइल पर डीज़ल, एडवांस या CNG की पर्ची बनती है, हर पर्ची की अपने आप जाँच होती है, और मंज़ूरी WhatsApp पर आती है।

कैसे काम करता है

तीन स्टेप। टाइपिंग लगभग नहीं।

  1. 4 अंक डालिए

    गाड़ी नंबर के आख़िरी 4 अंक। ट्रिप, क्लाइंट, रूट और ड्राइवर अपने आप।

  2. फ़ोटो लगाइए

    डीज़ल, एडवांस या CNG चुनिए, फिर मीटर और पर्ची का फ़ोटो लीजिए।

  3. WhatsApp पर मंज़ूरी

    मैसेज अधिकार वाले को जाता है। एक टच में मंज़ूर या रिजेक्ट।

सिस्टम यह भी बताता है कि गाड़ी को कितना डीज़ल चाहिए: रूट, एवरेज और पहले दिए डीज़ल से हिसाब लगाकर।

अपने आप जाँच

हर पर्ची की अपने आप जाँच

  • लीटर ज़्यादा
  • जल्दी दोबारा डीज़ल
  • वही गाड़ी + वही पंप
  • रेट अलग
  • मीटर पीछे
  • एवरेज कम
  • पुराना फ़ोटो दोबारा
  • वही एडवांस दोबारा

चेतावनी सीधे मंज़ूरी देने वाले को जाती है। कुछ छुपता नहीं।

आपके सवाल, जवाब के साथ

अब “कितना डीज़ल दिया?” का सवाल नहीं

कड़ा नियम

मंज़ूरी कौन देगा?

सिर्फ़ ERP में अधिकार वाले, अपने ही नंबर से। अपने आप मंज़ूरी कहीं नहीं।

मंज़ूरी अटकती नहीं

कोई जवाब न दे तो?

15 मिनट में याद दिलाना, 30 मिनट में बैकअप अप्रूवर। गाड़ी पंप पर खड़ी नहीं रहती।

पूरी तरह ऑटोमैटिक

पंप और ड्राइवर को कौन बताएगा?

मंज़ूरी होते ही पंप, ड्राइवर और स्टाफ़ को अपने आप WhatsApp। किसी को फ़ोन नहीं।

एक बिल

पंप बिल का क्या?

मंज़ूर पर्चियाँ चुनिए, पंप का बिल नंबर और रकम डालिए, और एक डीज़ल बिल तैयार। जो पर्ची बिल हो चुकी, वह दोबारा नहीं आ सकती।

हर जगह चले

नेटवर्क नहीं?

पर्ची फ़ोन में सेव होती है, और नेटवर्क आते ही चली जाती है।

हर कंपनी के लिए

छोटी कंपनी या बड़ी?

छोटी कंपनी: मंज़ूरी बंद रखिए, पर्ची ही बिल। बड़ी कंपनी: ब्रांच वार अधिकार।

लाइव देखना है?

मुफ़्त डेमो में हम दिखाएँगे कि पर्ची कैसे बनती है, जँचती है और मंज़ूर होती है।

क्या बदलेगा

पहले और अब

पहले

  • कागज़ की पर्ची
  • फ़ोन पर मंज़ूरी
  • “कितना डीज़ल दिया?”
  • महीने बाद पंप बिल का झंझट

अब

  • मोबाइल पर पर्ची, मीटर और पर्ची के फ़ोटो के साथ
  • WhatsApp पर एक टच में मंज़ूरी
  • हर लीटर का हिसाब
  • मंज़ूर पर्चियों से एक डीज़ल बिल

किसका फ़ायदा

मालिक के लिए। स्टाफ़ के लिए।

मालिक के लिए

  • हर लीटर का हिसाब
  • हर रुपये का रिकॉर्ड
  • कम स्टाफ़, कम फ़ोन, कम कागज़
  • कंट्रोल आपके मोबाइल में

आपके स्टाफ़ के लिए

  • हिंदी, English, ગુજરાતી
  • नेटवर्क नहीं? फिर भी पर्ची
  • नंबर एक बार, हमेशा याद
  • टाइपिंग लगभग नहीं

सवाल-जवाब

ट्रांसपोर्टर क्या पूछते हैं

AI डीज़ल ऐप क्या है?

AI डीज़ल और एडवांस ऐप अपनी गाड़ियों वाले ट्रांसपोर्टर के लिए है और आपके ERP से सीधा जुड़ा है। मोबाइल पर डीज़ल, एडवांस या CNG की पर्ची बनती है, हर पर्ची की अपने आप जाँच होती है, और मंज़ूरी WhatsApp पर आती है।

ट्रांसपोर्टर डीज़ल का खर्च कैसे कंट्रोल करे?

हर पर्ची मोबाइल पर मीटर और पर्ची के फ़ोटो के साथ बनाइए, हर पर्ची की अपने आप जाँच होने दीजिए, और मंज़ूरी WhatsApp पर दीजिए। AI डीज़ल ऐप यही करता है और आपके ERP से सीधा जुड़ा है।

कितनी टाइपिंग करनी पड़ती है?

लगभग नहीं। गाड़ी नंबर के आख़िरी 4 अंक डालिए, ट्रिप, क्लाइंट, रूट और ड्राइवर अपने आप आ जाते हैं।

सिस्टम को कैसे पता चलता है कि कितना डीज़ल चाहिए?

सिस्टम उस गाड़ी के रूट, एवरेज और पहले दिए डीज़ल से हिसाब लगाकर बताता है कि अभी कितना लीटर चाहिए।

पंप बिल को डीज़ल पर्चियों से कैसे मिलाएँ?

मंज़ूर पर्चियाँ चुनिए, पंप का बिल नंबर और रकम डालिए, और एक डीज़ल बिल तैयार। जो पर्ची बिल हो चुकी, वह दोबारा बिल में नहीं आ सकती।

पर्ची की मंज़ूरी कौन दे सकता है?

सिर्फ़ ERP में अधिकार वाले। स्टाफ़ नंबर नहीं चुनता, बटन उन्हीं के अपने नंबर से चलते हैं, और अपने आप मंज़ूरी कहीं नहीं होती। रिजेक्ट पर कारण ज़रूरी है, और किसने कब क्या किया, सब रिकॉर्ड में रहता है।

मंज़ूरी देने वाला जवाब न दे तो?

15 मिनट में याद दिलाया जाता है, और 30 मिनट में मैसेज बैकअप अप्रूवर के पास जाता है, इसलिए गाड़ी पंप पर खड़ी नहीं रहती।

नेटवर्क न हो तो?

पर्ची फ़ोन में सेव होती है, और नेटवर्क आते ही चली जाती है।

क्या छोटी कंपनी को मंज़ूरी ज़रूरी है?

मंज़ूरी बंद रख सकते हैं, पर्ची ही बिल बन जाएगी। बड़ी कंपनी ब्रांच वार अधिकार दे सकती है।

ऐप किन भाषाओं में चलता है?

हिंदी, English और ગુજરાતી।

WhatsApp मैसेज के लिए क्या ज़रूरी है?

WhatsApp मैसेज के लिए आपकी कंपनी का नंबर हमारे WhatsApp Hub पर रजिस्टर होना ज़रूरी है।

AI डीज़ल ऐप कैसे मिलेगा?

मुफ़्त डेमो बुक कीजिए। कॉल करें +91 98216 05790, +91 80809 20274 या +91 91520 48770।

डीज़ल का खर्च, अब आपके कंट्रोल में

आज ही कॉल कीजिए और देखिए, पर्ची कैसे बनती है, जँचती है और मंज़ूर होती है।

कॉल करें 98216 05790 · 80809 20274 · 91520 48770